यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

वजन घटाने के लिए सबसे अच्छा योग MOST EFFECTIVE YOGA FOR WEIGHT LOSS

मोटापा (Obesity) भागदौड़ भरी जिन्दगी और अनियमित (Irregular) खान-पान के चलते अधिकतर लोगों की प्रमुख समस्या बन गई है। मोटापा अपने साथ कई तरह की बीमारियाँ भी लेकर आती है जैसे डायबीटीज (Diabetes), हाई बीपी (High BP), दिल की बीमारियों (Heart Disease) आदि। साथ ही मोटापा के कारण कोई भी काम करते समय आप जल्दी थक जाते हैं, आपकी सांसे फूलने लगती है।अगर आप अपना वजन कम (Weight Loss) करना चाहते हैं, तो नियमित रूप से योग की आदत डालें। ये आपको उम्र भर वजन बढ़ने की समस्या से निजात दिला सकता है। योग आपके शरीर के चर्बी को तो कम करता ही है, साथ ही शरीर को भी लचीला बनाता है जिससे आप स्वस्थ रहते हैं।

यदि आपका वजन बहुत ज्यादा है और बिना जिम (Gym) गए अपना वजन घटना चाहते हैं तो आज से ही योग करना शुरू कर दिजिये। आइये जानते हैं कुछ लाभकारी योग आसन के बारे में जिससे वजन कम किया जा सकता है।

बटरफ्लाई (Butterfly)

इस आसन से पेट और जांघ पर असर पड़ता है। अगर आप पतले पैर की इच्छा रखते हैं तो यह आसन जरुर करना चाहिए।
        बटरफ्लाई सौजन्य- मम्मी जंक्शन डॉट कॉम 

मण्डूकासन (Mandukasana)

इस आसन से पेट के सभी अंग स्वस्थ रहते हैं। इसके रोज अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज, गैस, मोटापा, खट्टे डकार, भूख न लगाना आदि जैसी समस्यायों से निजात मिल जाता है।

मण्डूकासन सौजन्य- यू ट्यूब 
धनुर आसान (Dhanurasana)

धनुर आसन वजन घटने में लाभकारी है. इस आसन से आप पेट के फैट को बर्न कर सकते हैं। इस आसन से जांघ, पेडु (Pelvis), छाती और नितम्‍भ (Buttock) पर असर पड़ता है।

धनुर आसान

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

इस आसन करने से हमारे पेट को बल मिलता है जिससे पेट की चर्बी को कम करने में सहायता मिलती है। इस आसन को करने से आपके पेट पर सीधा दबाव पड़ता है, जिसका सीधा असर पेट की चर्बी पर पड़ता है। इस आसन को नियमित रूप से करने से आपका पेट जो आगे की ओर निकल गया है, जल्दी ही उस पर असर दिख जायेगा।
पश्चिमोत्तानासन

भुजंग आसन (Bhujangasana or Cobra Pose)

इस आसन को कोरा पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन से सीने और पेट की मांसपेशियों में खिचाव पैदा होता है। इससे बैक पेन ठीक होता है साथ ही मोटापा भी कम होता है।

 भुजंग आसन
कुंडलिनी (Kundalini)

यह योगासन आपके पेडु और जांघ का फैट बर्न करता है। इससे पैर आकर्षक हो जाते हैं।

कुंडलिनी



शुक्रवार, 5 अगस्त 2016

जीएसटी – एक देश एक टैक्स (GST- 'One nation, One tax')

फोटो सौजन्य से जागरण डॉट कॉम 
तमाम अडचनों को पार करता हुआ आर्थिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाने वाला जीएसटी (GST) यानी वस्तु एवं सेवाकर (Goods and Services Tax) बिल राज्य सभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया. इसे देश में आर्थिक सुधारों के लिए सबसे बड़े कदम के रूप में माना जा रहा है. मोदी सरकार के एजेंडे में जीएसटी बिल सबसे ऊपर था. राज्य सभा में इसे सर्वसम्मति से पास करा कर मोदी और जेटली की जोड़ी ने अपने राजनीतिक कौशल का परिचय दिया है.
आज से ठीक 25 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव ने जो आर्थिक सुधारों का सिलसिला शुरू किया था, जीएसटी को उसके अगले पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है. इसकी प्रस्तावना 16 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लिखी थी.

क्या है जीएसटी (What is GST)

'एक देश एक टैक्स'  जीएसटी की मूल भावना है. वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) पूरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर है. इसके तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक सामान  टैक्स प्रणाली लागु होता है. इससे पुरे देश में एक सामान कर लगेगा. सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल कस्टम ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स और वैट को हटाकर केवल जीएसटी देना होगा.
अगर कोई कंपनी या कारखाना अपना सामान एक राज्य में बना कर दूसरे राज्य में बेचता है, तो उसे दोनों राज्यों को अलग अलग टैक्स चुकाना पड़ता है, जिससे सामान का मूल्य बढ़ जाता है. जीएसटी लागु होने से सामान के दाम में कमी आएगी. देश में लगभग 17 अप्रत्यक्ष कर लगाये जाते हैं, उनकी जगह केवल जीएसटी लगेगा.

अर्थशास्त्रियों के अनुसार जीएसटी के लागु होने पर अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, रोजमर्रा की कुछ चीजें सस्ती तो कुछ महंगी हो जाएगी. टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कार जैसे सामान सस्ते हो सकते हैं, वहीं रेडीमेड गारमेंट, मोबाइल का बिल, एसी होटल में खाना खाना जैसे सर्विस टैक्स के दायरे में आने वाली सेवाएं महंगी हो सकती है.

फ़िलहाल बाजार में बिकने वाले सामानों पर केंद्र और राज्य सरकारें अलग अलग टैक्स लगाती है, एक राज्य का टैक्स भी दुसरे राज्य से अलग होता है. अब इन सभी टैक्सों की जगह केवल एक टैक्स लगेगा जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवाकर (Goods and Services Tax)

फोटो सौजन्य से twitter

जीएसटी एक संविधान संशोधन विधेयक (Constitution Amendment Bill) है, इसलिए सरकार को इसे पास करवाने में दिक्कत आ रही थी. संविधान संशोधन के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है लेकिन राज्य सभा में एनडीए को बहुमत नहीं था. इसलिए सरकार ने इसे विपक्षी दलों से बात करके सर्वसम्मति से पास कराने में सफलता प्राप्त की. 

यह विधेयक लोक सभा में पहले पारित हो गया था लेकिन केंद्र सरकार ने इसमें कुछ संशोधन किया है इस संशोधित विधेयक को दुबारा से मंजूरी के लिए लोक सभा में भेजा जायेगा. लोक सभा से पारित होने के बाद इसे 29 में से 16 राज्यों के विधान सभाओं से पारित करवाना पड़ेगा. उसके बाद ये राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जायेगा.

वित्त मंत्री अरुण जेटली इसे 1 अप्रैल 2017 से लागु करवाना चाहते हैं. सरकार को 60 दिन के अन्दर जीएसटी काउंसिल का गठन करना होगा जो टैक्स की दर निर्धारित करने के साथ ही कई अहम् मुद्दों पर इस बिल की रुपरेखा तैयार करेगा.

केंद्र सरकार को यदि जीएसटी 1 अप्रैल, 2017 से लागु करवाना है तो केंद्र को सेंट्रल / इंटीग्रेटेड जीएसटी और राज्य सरकारों को स्टेट जीएसटी से जुड़ा कानून जल्द बनाना होगा. 

जिन राज्यों को जीएसटी से नुकसान होगा होगा उस नुक्सान को केंद्र सरकार 5 साल तक भरपाई करेगा.

शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

तेजस (Tejas) का तेज



करीब तीन दशक के इन्तजार के बाद आज बेंगुलुरु में शंख ध्वनि की गूंज के साथ देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। आज इंडियन एयरफोर्स और देश के लिए गौरव का दिन है।अपना खुद का लड़ाकू विमान बना कर हम दुनिया के  उन गिने चुने देशो की श्रैणी में शामिल हो गए हैं, जो अपने लड़ाकू विमान बनाते हैं। इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited) बनाया है।

देश में बने पहले लाईट कॉम्बैट विमान (एलसीए) तेजस के बेड़े को 'फ्लाइंग डैगर्स फोर्टी फाइव' नाम दिया गया है, इस बेड़े में दो विमान शामिल है। अगले साल मार्च तक 6 और विमान इस बेड़े में शामिल हो जायेगा। इसके बाद आठ तेजस और इस स्कॉव्ड्रन में शामिल किये जायेंगे।

तेजस 1350 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़कर दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों को टक्कर देने की क्षमता रखता है। यह 50 हजार फीट की ऊँचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें हवा से हवा में अपने दुश्मन पर हमला करने के लिए डर्बी मिसाइल लगा हुआ है, तो जमीन पर दुश्मन को धव्स्त करने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बम।


अगर ताकत की तुलना करें तो पुराने मिग 21 से कही ज्यादा आगे है और मिराज 2000 को टक्कर दे सकता है। जानकारों का तो यहाँ तक मानना है कि ये चीन और पाकिस्तान के साक्षा उपक्रम से बने जेएफ-17 से कहीं ज्यादा बेहतर है। तेजस ने ढाई हजार घंटे के सफ़र में 3000 से ज्यादा उड़ान भर चूका है। इसका परीक्षण करने वाले सभी पायलट मानना है कि फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम बहुत ही उम्दा है और कलाबाजी में इसका कोई जोर नहीं है।

मंगलवार, 21 जून 2016

धोनी वनडे क्रिकेट में 350 विकेट लेने वाले पहले विकेट-कीपर

कैप्टन कूल के नाम से प्रसिद्ध इंडियन क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी के लिए जिम्बाब्वे (Zimbabwe) दौरा रेकॉर्डों (Record) की सौगात लेकर आया।  अपनी कप्तानी पर उठ रहे तमाम सवालों का अपने तरीके से जबाब देते हुए, जिम्बाब्वे वनडे सीरिज (One-Day Series) पर इंडिया ने कब्ज़ा कर लिया है।  

फोटो सौजन्य से - बीसीसीआई

जिम्बाब्वे में महेंद्र सिंह धोनी की सेना ने तीन एक दिवसीय मैचों की सिरीज़ को जीत कर धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराइ है।  तीसरे वनडे में भारत ने जिम्बाब्वे को 10 विकेट से हराते हुए 3-0 से सीरिज को क्लीन स्वीप कर दिया।  इस जीत के साथ ही भारतीय कप्तान माही के नाम दो और कीर्तिमान शामिल हो गए हैं।

भारत के पूर्व विकेटकीपरों (Wicket-Keeper) को पीछे छोड़ते हुए महेंद्र सिंह धोनी एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (One-Day Internationals) क्रिकेट (Cricket) में 350 खिलाडियों को आउट करने वाले पहले भारतीय विकेट-कीपर बल्लेबाज बन गए हैं, और दुनिया के चौथे विकेट-कीपर हैं।  धोनी ने अभी तक 261 कैच पकड़े हुए हैं और 278 मैचों में 89 बार स्टंप आउट किया है।

श्रीलंका (Sri Lanka) के विकेटकीपर कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) 482 विकेट लेकर इस सूची में पहले, आस्ट्रेलिया (Australia) के एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) 472 विकेट लेकर दुसरे और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के मार्क बाउचर (Mark Boucher) 424 विकेट लेकर विश्व में तीसरे स्थान पर हैं।

इसके अलावा धोनी ने कैप्टन के रूप में 107 वनडे मैच जीत कर ऑस्ट्रेलिया (Australia)  के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर (Allan Border) के रिकॉर्ड की बराबरी कर लिया है।  बॉर्डर 178 मैच (Match) में कप्तानी करते हुए 107 मैच जीत कर विश्व में दुसरे स्थान पर है और धोनी ने इसके रिकॉर्ड की बराबरी की है।  कैप्टन (Captain) के तौर पर सबसे ज्यादा 165 वनडे जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) के नाम है।     


मंगलवार, 14 जून 2016

योग (YOGA)- जीवन में नव-ऊर्जा का संचार

फोटो सौजन्य से - फ्रीपिक डॉटकॉम
आज के इस भाग दौर भरी जिन्दगी में अपने आप को स्वस्थ रखना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में योग को अपना कर शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रख सकते है। योग एक प्राचीन जीवन पद्धति है। योग को धर्मं आस्था और अन्धविश्वास से ऊपर उठकर एक विज्ञानं माना जाता है, जो जीवन जीने की कला सिखाता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। आप अपने दिनचर्या में योग को शामिल कर लें तो आपका हेल्थ तो अच्छा रहेगा ही साथ ही साथ कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।

योग के फायदे हैं Benefits of Yoga 

Ø  योग करने से रोगों से लड़ने की क्षमता बढती है। आप बुढ़ापे में भी जवानी की तरह दुरुस्त रह सकते हैं। हमेशा अपने आप को तरोताजा महसूस करते हैं। शरीर स्वस्थ, नीरोग और बलवान बना रहता है।

Ø  रोजाना योग करना हमारे तन और मन दोनों की शांति के लिए एक वरदान है। साथ ही ये हमारे धन की हानि को बचा रहा है, बार बार डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा।

Ø  यदि आप जिम जाते है तो जिम में केवल किसी खास अंग का ही एक्सरसाइज हो पाटा है और जिम जाने के लिए अलग से समय निकलना पड़ता है, लेकिन योग से शरीर के सभी अंगों का एक्सरसाइज हो जाता है और इसे घर पर ही कम समय में किया जा सकता है।

Ø  निरंतर योग के अभ्यास से शरीर का फैट कम होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए योग वरदान है बिना किसी दवाई के दिन में एक बार योग करके डायबिटीज पर कंट्रोल पाया  जा सकता है।

Ø  योग करने से तनाव दूर होता है, अच्छी नींद आती है,भूख भी समय पर लगता है और डाइजेशन ठीक हो जाता है। अगर आप सुबह उठकर प्राणायाम का अभ्यास करते हैं तो दिन भर मन प्रसन्न रहता और तनाव महसूस नहीं होता है।

Ø  प्राणायाम करने से श्वसन सम्बन्धी रोग में काफी लाभ मिलता है। दमा, एलर्जी, साइनोसाइटिस,पुराना नजला, जुकाम आदि रोगों में तो प्राणायाम बहुत फायदेमंद साबित हुआ है।

Ø  अनुलोम-विलोम करने से फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ जाती है,जिससे शरीर की कोशिकायों में ओक्सीजन प्रवाह बढ़ जाता है, इसका पुरे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Ø  योग ब्लड शुगर लेवल को घटाता है साथ ही एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रोल को भी घटाता है।      

मंगलवार, 31 मई 2016

ममता जयललिता और खिलता कमल

तमाम एक्जिट पोल के रिपोर्ट से पता चल रहा था कि पश्चिम बंगाल में ममता, असाम में सर्वानन्द   और केरल में बाममोर्चा की वापसी निश्चित है। और ऐसा हुआ भी। तमिलनाडु में थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी हुयी थी। लेकिन तमिलनाडु के रिजल्ट ने सभी राजनितिक पंडितों को गलत साबित कर जयललिता ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करा दी।

पांच राज्यों का चुनाव परिणाम भाजपा में जैसे नए उर्जा का संचार ला दिया है। ये ऐसे राज्य थे जहाँ भाजपा का कोई खास प्रभाव नहीं था। लेकिन चुनाव परिणाम ने भाजपा के जनाधार को मजबूत किया है और कांग्रेस को कमजोर।

असम में भाजपा को अप्रत्याशित सफलता हाथ लगी। एग्जिट पोल से इसे थोड़ी बहुत बढ़त का अंदाजा लग रहा था लेकिन इस प्रकार कि सफलता की उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस और तरुण गोगोई के 15 साल के शासन से जनता को बदलाव चाहिए था। और भाजपा के रूप में उसे अच्छा बिकल्प दिखा। इसकी दस्तक लोकसभा चुनाव के समय ही दिख गया था जब बीजेपी राज्य में  सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। बिहार चुनाव से सिख लेते हुए उन्होंने स्थानिया नेताओं के ऊपर भरोसा दिखाया और मोदी सरकार में युवा और खेल मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल को मुख्यमंत्री उम्मीदवार  के तौर पर चुनाव में उतारा। सर्वानन्द सोनोवाल और गोगोई के वंशवाद को नकारते हुए बीजेपी का दामन थामने वाले हेमंत विस्व सरमा की जोड़ी ने बीजेपी के कमल को नार्थ ईस्ट में खिला दिया। समय रहते बीजेपी ने असम गन परिषद् और बोडो पीपुल फ्रंट के साथ समझौता किया, उसका भी लाभ मिला। नार्थ ईस्ट के राजनीत पर असम के चुनाव परिणाम का असर आगे देखने को मिलेगा।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जबरदस्त वापसी हुयी है। जनता ने लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया है। दीदी ने दो तिहायी बहुमत के साथ वापसी करके एंटी इन्कोम्बेंसी या सरकार विरोधी असर और कांग्रेस लेफ्ट गठबंधन से होने वाले नुकसान को करारा जबाब दिया। बंगाल में माकपा की ऐसी दुर्गति कभी नहीं हुई, वो तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है हाँ कांग्रेस को जरुर फ़ायदा हुआ है। अच्छी बात बीजेपी के लिए है कि वो बंगाल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने  में सफल रही है।

केरल माकपा के लिए अच्छी खबर लेकर आई। केरल में 1982 के बाद से यूडीएफ और एलडीएफ सत्ता पर बारी बारी काबिज होती रही है। चुनाव में एलडीएफ ने भ्रष्टाचार को मुख्या मुद्दा बनाया और उसे सफलता भी हाथ लगी। बीजेपी गठबंधन ने भी यूडीएफ गठबंधन को नुकसान पहुंचाते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हुई। भाजपा के वोट प्रतिशत में वृद्धि हुई है।

दक्षिण भारत के दुसरे राज्य तमिलनाडु में जे। जयललिता ने लगातार दुबारा काबिज होकर इतिहास रच दिया है। अम्मा के राजनीतिक गुरु एम जी रामचंद्रन (एमजीआर) जो लगातार तीन बार मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं, उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता हाशिल की है। तमिलनाडु में 27 साल से चले आ रहे सरकार बदल जाने की परिपाटी को तोडा है। जयललिता को जनकल्याण की योजनायों से ग्रामीण एवं शहरी गरिवों का पूरा समर्थन मिला। करुणानिधि के बेटों के बीच मनमुटाव साथ ही परिवार के सदस्यों का भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारन डीएमके जनता का विश्वास जितने में विफल रही। पुद्दुचेरी से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई जहाँ 30 में से 17 सीट जीत कर सरकार बनाने जा रही है।

बिहार और दिल्ली की हार के बाद आसाम की जीत ने फिर से बीजेपी कर्यकर्तायो में नया उत्साह भर दिया है। उत्तर प्रदेश के चुनाव पर इसका असर साफ़ दिखने वाला है. कांगेस केवल  6 राज्यों में सीमट कर रह गई है। कमुनिस्ट पार्टी का जनाधार भी खिसक गया है। ममता और जयललिता का इस चुनाव से कद बढ़ा है। क्षेत्रीय दलों के बढ़ते कद को देखते हुए राष्ट्रीय राजनीत में फिर से तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट से इंकार नहीं किया जा सकता है।

लोक अड्डा LOK ADDA